Welcome to Joint Forum of Medical Technologists of India (R) - Common National Voice of Allied Health Proffesionals.
JFMTI Blog

संसद मार्च मैडिकल तकनीकी स्टाफ एसोसिएशनों के अखिल भारतीय संगठन JOINT FORUM OF MEDICAL TECHNOLOGISTS OF INDIA के आहवान पर देश भर की मैडिकल तकनीकी स्टाफ एसोसिएशनों द्वारा संसद मार्च 16 मार्च 2013, दोपहर 1 बजे मंडी हाउस पर एकत्रित हों । महत्वपूर्ण मांगें:- 1. मैडिकल तकनीकी शिक्षा के नियमन एवं मैडिकल तकनीकी सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सालों से लम्बित “अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स कौंसिल ऑफ़ इंडिया” का तुरंत गठन किया जाये व अलाइड हेल्थ प्रोफेशन्स के विकास से सम्बंधित NIAHS पर स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट को तुरंत लागु किया जाए । 2. मैडिकल तकनीकी स्टाफ की विभिन्न श्रेणियों जैसे मैडिकल लेबोरेटरी तकनीकी स्टाफ, रेडियोलोजी तकनीकी स्टाफ, ऑपरेशन थिएटर तकनीकी स्टाफ, रेडियोथेरेपी तकनीकी स्टाफ, कार्डियोलॉजी तकनीकी स्टाफ, न्यूरोलॉजी तकनीकी स्टाफ, डायलिसिस तकनीकी स्टाफ एवं अन्य समानान्तर तकनीकी स्वास्थ्य श्रेणियों के वेतनमानों, भत्तों आदि में विसंगतियों को दूर कर व सेवाशर्तों में समानता, कैडर रिव्यु एवं भर्ती नियमों आदि में संशोधन आदि मुद्दों को समयबद्ध हल के लिए तुरंत स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हाई पॉवर कमेटी का गठन किया जाये I 3. सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ठेकेदारी, निजीकरण, आउट्सोर्सिंग की प्रथा पर रोक लगाई जाये व खाली पड़े लाखों तकनीकी पदों को स्थायी आधार पर भरा जाये I साथियो, देश भर में केंद्र व राज्य सरकारों के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत एवं हजारों निजी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य करने वाले लाखों मैडिकल तकनीकी स्वास्थ्य कर्मियों के अखिल भारतीय संगठन जॉइंट फोरम ऑफ़ मैडिकल टैक्नोलॉजिस्ट्स ऑफ़ इंडिया ने गत 30 सितम्बर 20I2 को दिल्ली में संपन्न हुई अपनी बैठक में ऊपर लिखित तीन सूत्रीय मांगों के सन्दर्भ में एक सयुंक्त एवं देशव्यापी आन्दोलन शुरू करने का फैसला लिया था जिसके प्रथम चरण के रूप में देश भर के स्वास्थ्य संस्थानों में सभी अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स/ पैरामैडिकल तकनीकी स्टाफ द्वारा कार्य के दौरान काले बिल्ले लगाए गए थे। इस आन्दोलन के अगले चरण में देश भर की मैडिकल तकनीकी स्टाफ एसोसिएशनों द्वारा 16 मार्च 2013, दोपहर 1 बजे मंडी हाउस से संसद तक मार्च निकाला जाएगा । आप सब जानते हैं कि पिछले कुछ सालों में मैडिकल साइंस की अदभुत उन्नति में अलाइड हेल्थ साइंसेज (पैरामैडिकल साइंसेज) का अहम् योगदान रहा है और इस कारण से दुनिया भर के छोटे-बड़े बहुत देशों द्वारा इनके महत्व को समझते हुए अलाइड हेल्थ प्रोफेशन एवं प्रोफेशनल्स के विकास के लिए सुव्यवस्थित ढांचा स्थापित किया है परन्तु दुःख का विषय है कि भारत में आजादी के 65 साल बीत जाने के बावजूद, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम् योगदान देने वाले लाखों स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवसायिक शिक्षा व्यवस्था के नियमन के लिए न तो कोई केंद्रीय कानून/संस्था मौजूद है और न ही केंद्र व राज्यों के स्वास्थ्य विभाग इसके लिए गंभीर है I केंद्र सरकार द्वारा पैरामैडिकल स्टाफ के प्रति अनदेखी, असंवेदनशीलता की वजह से सेंट्रल पैरामैडिकल कौंसिल बनाने के सभी प्रयास विफल हो चुके हैं I 2007 में प्रस्तावित सेंट्रल पैरामैडिकल कौंसिल बिल को केंद्र सरकार ने पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ही कानून (NCHRH ) बनाने की नयी योजना के नाम पर रोक दिया गया था और अब तीन साल के बाद इसके लिए लाये गए इस नए NCHRH बिल को भी संसदीय समिति ने नकार दिया है । इस प्रकार लाखों पैरामैडिकल कर्मियों की शिक्षा व्यवस्था एवं व्यवसायिक नियमन के लिए सालों पुरानी मांग फिर अधर में लटक गई है I देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में रीड की हड्डी समझे जाने वाले लाखों मैडिकल तकनिकी कर्मियों की व्यवसायिक शिक्षा के नियमन के लिए कोई भी केन्द्रीय कानून/ संस्था के न होने से पूरे देश में हजारों शिक्षण संस्थान बेलगाम तरीके से कुकुरमुक्ते की तरह उग आये हैं जिन्हें व्यवसाय के तौर पर केवल मुनाफा कमाने के लिए खोला जाता है और जिनके पास किसी भी तरह की आधारभूत सुविधाएँ नहीं होती है । इसके अलावा आवश्यक कानून के न होने से सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में कार्यरत पैरामैडिकल स्टाफ के लिए भी अनेक समस्याऐं मुहँ बाये खड़ी हैं जैसे कि आवश्यक व्यवसायिक योग्यता होने के बावजूद कार्य के अधिकार (लाइसेंस) से वंचित, समान कार्य के लिए अलग- अलग विभागों में अलग- अलग पदों, वेतन, भतों व भर्ती नियमों एवं सेवा शर्तों का होना आदि I इस संदर्भ में यह जानना भी जरुरी है कि बिना किसी संवैधानिक संस्था के इन स्वास्थ्य कर्मियों की वास्तविक संख्या का सही अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता क्योंकि देश में अभी तक इनके पंजीकरण कि कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है I इसके अलावा बिना किसी मापदंड व मूल्यांकन के केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित स्वास्थ्य की सभी ढांचागत योजनाओं जैसे कि NIAHS के अंतर्गत विभिन्न राज्यों में प्रस्तावित NIPS और RIPS स्थापित करने के प्लान में भी इनकी जरुरत, कमी व संख्या आदि का अनुमान भी सही नहीं है और इस हाल में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (UHC) के तहत सबको गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना और मैडिकल टूरिज्म कि बात करना बेमानी लगता है । इन सबके बावजूद भी सरकार स्वास्थ्य से जुड़े इन मुद्दों पर गंभीर नजर नहीं आती है और इन चुनौतियों का सामना करने की बजाय लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र से पल्ला झाड़ कर इसे ठेकेदारी, निजीकरण, आउट्सोर्सिंग के रूप में निजी हाथों में दे रही है जिसके चलते पहले से ही खराब स्वास्थ्य व्यवस्था और भी ख़राब होगी । इस दिशा में इससे पहले भी जॉइंट फोरम ऑफ़ मैडिकल टैक्नोलॉजिस्ट्स ऑफ़ इंडिया के आह्वान पर इन मांगों के लिए अनेक प्रयास किये गए है जैसे पैरामैडिकल कौंसिल कि माँग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई संगोष्ठियों का आयोजन कर केंद्र सरकार को विस्तृत ज्ञापन देना एवं सितम्बर 2010 में माननीय प्रधानमंत्री जी को देश भर से एक लाख पोस्ट कार्ड भेजना आदि, परन्तु खेद का विषय है कि सरकार ने आज तक सिवाय कुछ आशवासनों के कोई भी सकारात्मक एवं ठोस पहल नहीं की है I इस वजह से JFMTI ने एक देशव्यापी सशक्त आन्दोलन खड़ा करने का फैसला लिया है I अत: आप सभी से अपील है की अपनी एकजुटता एवं सरकार के नकारात्मक रवैये के प्रति अपने विरोध को जताने के इस प्रोग्राम को सफल बनायें जो कि न सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जरुरी है बल्कि आम जनता को सही स्वास्थ्य सुविधाऐं प्रदान करने कि हमारी जिम्मेदारी अनुरूप भी है । निवेदक: JOINT FORUM OF MEDICAL TECHNOLOGISTS OF INDIA Website: www.jfmti.com, Contact No. Delhi-9968256365, Chandigarh- 09914209282 Affiliated Associations: Society of Indian Radiographers-HO Bangalore, Indian Railway Medical Laboratory Technologists Association-HO-Delhi, Indian Association of Radiology Technologist-HO-Chandigarh, Association of Radiotherapy Technologists of India-HO Hyderabad, All Assam Medical Laboratory Tech. Association, Uttrakhand Medical Laboratory Technician Association ACLAP (Maharashtra State Lab Tech Association), ASSPPLOG (Gujarat State Lab Staff Association), All Tripura Pathological & Radiological Staff Association, Jammu Kashmir Health Technical Employee’s Association, Haryana State Laboratory Technician Association, Andaman & Nicobar Medical Lab Tech Association, Society of Dialysis Technologists & Para Medicals, Tamilnadu, PGIMTA-Chandigarh, MLTA, (PGIMES Rohtak), TQMLTA (AIIMS), OT Technical Staff Association, PGI Chandigarh, OTTA (AIIMS), SBLS India, ACLMTB, Mumbai, PTEU LNJP Hospital, MLTA, LHMC & SSK & KSCH (Central Government Hospitals, New Delhi), PGIMTAA- Chandigarh, Dr. RML MTA, SJH MTA, KMES etc.
Blog By : KS Sehrawat